बिना ऑपरेशन गले के टॉन्सिल्स का इलाज के 10 आसान घरेलू नुस्खे

टॉन्सिल्स की बीमारी गले में होती है। इसका मुख्य कारण शरीर में आयोडीन की कमी का होना है। टोन्सिल होने पर गले में सूजन और दर्द होने लगता है। जब कभी हमारे गले के अंदर की गांठो में कोई परेशानी होती है तो वो अंदर से सूज कर फूलने लगती है जिस कारण गले में सूजन होती है। टोन्सिल के कारण खाने पीने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है और ये दर्द बढ़ता ही जाता है। कुछ बोलने में परेशानी होने लगती है यहां तक की पानी और थूक निगलने में दर्द होना आम है। टॉन्सिल्स की समस्या बढ़ जाये और अगर हम डॉक्टर से सलाह करे तो हमे ऑपरेशन की सलाह दी जाती है, पर टॉन्सिल्स का इलाज देसी आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों से भी किया जा सकता है। ये समस्या अधिकतर छोटे बच्चों में पायी जाती है। आइये जाने की कैसे इस बीमारी से बचा जा सकता है और कौन से घरेलु इलाज टॉन्सिल्स की बीमारी को दूर करने में आपकी मदद करेंगे, natural ayurvedic home remedies tips for tonsils treatment in hindi.

टॉन्सिल्स का इलाज के घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे

 

टॉन्सिल्स किन कारणों से होता है : Causes of Tonsils in Hindi

टॉन्सिल्स के मुख्य कारणों  में संक्रमण (इन्फेक्शन) सबसे बड़ा कारण है। यूं तो टॉन्सिल्स इतनी खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन अगर इसके इलाज में कोताही बरती जाये तो ये समस्या आपको बहुत परेशान कर सकती है। वक़्त रहते अगर टॉन्सिल का उपचार कर लिया जाये तो कुछ ही दिनों में आप इसे छुटकारा पा सकते है, नहीं तो ये बीमारी आपको लंबे समय तक परेशान कर सकती है। टोन्सिल की बीमारी के कुछ और कारण इस तरह है :-

  1. जुकाम के कारण
  2. पेट की समस्या जैसे गैस या कब्ज
  3. ज्यादा तीखी और मसालेदार खाने से
  4. पाचन तन्त्र के कमजोर होने के कारण
  5. ठंडी और गर्म चीजों को एक साथ खाने से
  6. ठंडी चीजे आइस क्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स आदि के अधिक सेवन से

 

Tonsils की बीमारी कभी भी हो सकती है परन्तु जब मौसम बदलता है तो इसका खतरा और बढ़ जाता है।

 

टोन्सिल के लक्षण क्या है : Tonsils Symptoms

आइये जाने की क्या है टॉन्सिल्स की बीमारी के लक्षणों की पहचान कैसे करे। इस समस्या के लक्षण इस प्रकार है

  • गले में खराश रहने लगती है।
  • गले में सूजन होने लगती है।
  • कान और गले के निचे दर्द का होना।
  • दर्द के कारण तेज बुखार होने लगता है और शरीर में कमजोरी महसूस होती है।

 

टॉन्सिल्स में ऑपरेशन कब करवाना पड़ता है 

  1. आमतौर पर टॉन्सिल्स की बीमारी कुछ दिन के इलाज में ठीक हो जाती है, परतु कई बार यह समस्या पूर्ण रूप से दूर नही होती। एक बार तो इससे आराम मिल जाता है पर फिर कुछ दिनों के बाद यह बीमारी परेशान करने लगती है।
  2. कई बार इलाज करने पर गले में टॉन्सिल कुछ समय के लिए दब जाते है और फिर से ये उबर कर बाहर आते है और पहले से भी ज्यादा परेशान करने लगते है। ये समस्या बार बार होने की स्थिति में आपको डॉक्टर द्वारा operation करवाने की सलाह दी जाती है।
  3. Tonsils ka ilaj के लिए डॉक्टर्स के द्वारा ये सलाह दी जाती है की जब तक बीमारी पूर्णत रूप से दूर न हो जाये और आप अच्छी तरह से स्वास्थ्य न हो जाये तब तक दवा का सेवन करना चाहिए, लेकिन मरीज कुछ आराम मिलने पर दवा का प्रयोग बंद कर देते है। जिसके कारण टॉन्सिल्स की बीमारी फिर से हो सकती है और आपको फिर से डॉक्टर के पास चक्कर लगाने पड़ते है।

 

एलोपेथी से टॉन्सिल्स का उपाय 

  • अगर आपको टॉन्सिल्स की समस्या विषाणु सक्रमण (वायरल इन्फेक्शन) के कारण हुई है और आपको बुखार से भी पीड़ित है, आपको डॉक्टर पेरासिटामोल या क्रोसिन नाम की दवा आमतौर पर देते है।
  • Gale mein tonsils की समस्या के लिए थोड़ा नमक डालकर गर्म पानी से गरारे करने की सलाह दी जाती है। इसी गले में दर्द की समस्या से आराम मिलता है और आप पहले से बेहतर महसूस करते है।
  • अगर टॉन्सिल्स की समस्या आपको जीवाणु सक्रमण (बेक्टिरियल इन्फेक्शन) के कारण है तो नमक के गरारे करने को कहा जाता है।
  • पेरासिटामोल की दवा के साथ साथ आपको कुछ एंटिबेटिक दवा भी दी जाती है। कुछ भी एलोपेथिक उपचार करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले।

 

टॉन्सिल्स का इलाज के घरेलू उपाय और देसी नुस्खे

Tonsils ka Gharelu ilaj in Hindi

1. देसी घी: देसी घी की मालिश गले में करने से टॉन्सिल्स की बीमारी में बहुत लाभ मिलता है ।

2. लहुसन: गर्म पानी में लहुसन को अच्छी तरह से पीसकर मिला ले। कुछ दिन इस पानी से आप गरारे करे, ऐसा करने से टॉन्सिल्स की परेशानी से छुटकारा मिलता है।

3. हर्बल चाय: हर्बल चाय का सेवन टॉन्सिल्स का इलाज में बेहतरीन और प्राकृतिक उपाय है। ये चाय गले में जर्म, बैक्टीरिया और भी अन्य तरह के कीटाणुओ पर असर दिखाती है और और उन्हें खत्म कर देती है। ग्रीन टी, लॉन्ग इलायची और दालचीनी की चाय पिए। ये चाय आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है।

4. गाजर का जूस: गाजर के जूस का सेवन भी टॉन्सिल्स में एक अच्छा उपचार है। गाजर के जूस का दो से तीन माह (महीनों) तक लगातार  सेवन करने से इसमें लाभ मिलता है। अनानास का जूस भी इस समस्या में बहुत उपयोगी है ।

5. चाय की पत्ती और नमक से इलाज: पानी में चाय की पत्ती को अच्छे से उबाल ले फिर उस पानी से गरारे करे। ऐसा करने से गले के दर्द में आराम मिलता है। गर्म पानी में नमक और फिटकरी के मिश्रण को मिलाकर गरारे करने से भी टॉन्सिल्स की समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।

6. सिंघाड़े से : जैसा की हम जानते है की टॉन्सिल्स की बीमारी का मुख्य कारण है आयोडीन की कमी होना। सिंघाड़ा आयोडीन का भरपूर स्त्रोत्र है इस home remedy से टॉन्सिल्स की समस्या में बहुत फायदा होता है ।

7. गन्ने का जूस: गन्ने का जूस भी टॉन्सिल्स में बहुत लाभकारी है अगर इसमें थोड़ा हरड़ का चूर्ण मिलकर सेवन किया जाये, इसके सेवन से टॉन्सिल्स में बहुत आराम मिलता है  ।

8. हल्दी: देसी और घरेलू उपचार में टॉन्सिल्स की बीमारी में गले के दर्द और सूजन में हल्दी एक बेहतरीन उपाय है। एक चमच्च हल्दी पाउडर और गोलकी के पाउडर के आधे चम्मच को गर्म दूध के गिलास में मिलाकर सोने से पहले इसका सेवन करे ।

9. एक्सट्रा उपाय: एक कपडा ले और उसकी पोटली बनाये फिर इस पोटली को तवे पर थोड़ा गर्म करे। इसके बाद इससे गले पर सेंक करे। ऐसा करने से गले के दर्द की समस्या कम हो जाती है।

10. नींबू और शहद: दो चम्मच शहद और आधे निम्बू को गर्म पानी के गिलास में मिलाकर सेवन करने से टॉन्सिल की परेशानी में आराम मिलता है। इसका सेवन दो से तीन बार करे। इसे गले के दर्द और सूजन में बहुत राहत मिलती है ।

11. सौंठ: गर्म पानी में सौंठ को अच्छी तरह से मिलाकर पिने से tonsil की बीमारी में जल्द ही राहत मिलती है।

12. अंजीर :अंजीर को पानी में उबालकर पीस ले है फिर इसका पेस्ट बनाकर गले पर मालिश करे है। इससे भी काफी हद तक टॉन्सिल्स की परेशानी दूर होती है।

 

होमियोपैथी दवाओं से टॉन्सिल्स का उपचार के टिप्स इन हिंदी

  • टॉन्सिल्स की बीमारी का एक कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) का कमजोर होना भी है।
  • Homeopathic medicine रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करती है जिससे टॉन्सिल्स के रोग से हमारा बचाव होता है।
  • टॉन्सिल का इलाज होम्योपैथिक मेडिसिन से  करने में  थोड़ा वक़्त जरूर लगता है लेकिन इसमें बीमारी को जड़ से खत्म करने पर भी काम किया जाता है जिसमें इसके बार बार होने की वजह और हर छोटे बड़े कारणों पर ध्यान दिया जाता है।
  • होम्योपैथिक ट्रीटमेंट में टॉन्सिल्स को पूरी तरह से ठीक होने में चार से छह महीने भी लग सकते है।
  • होमेओपेथी के उपचार में टॉन्सिल्स के इलाज के लिए अक्सर बेलाडोना 30, कैलकेरिया कार्ब 30, बरयता कार्ब 30 आदि मेडिसिन दी जाती है। परन्तु इन दवाओं का सेवन करने से पहले एक बार होमियोपैथी डॉक्टर की सलाह जरूर ले।

 

टॉन्सिल्स का इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे

टॉन्सिल्स का उपचार आयुर्वेदिक तरीके से करने के लिए आजकल बहुत सी आयुर्वेदिक ओषधियाँ और दवायें बाजार में उपलब्ध है। ये ओषधियाँ  baba ramdev के पतंजलि स्टोर्स या पंसारी की दुकान से आराम से मिल जाएगी। महालक्ष्मी विलास रस, कलपरस, आरोगयावर्धीनी, त्रिभुवन कीर्ति रस आदि आयुर्वेदिक मेडिसिन टॉन्सिल्स के उपचार में उपयोगी मानी गयी है। इन आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग करने से पहले किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर,वैद आदि से सलाह अवश्य ले।

 

किसी भी बीमारी के सही उपचार के लिए उसके सही कारणों का पता होना बहुत जरुरी है। इन कारणों का पता होने पर हम इन रोगों से बचे रह सकते है। इसके इलावा हमे अपने खान पान की और ध्यान देने की भी जरुरत है। खान पान में लापरवाही भी बहुत सी बिमारियों को खुला बुलावा देने जैसा है।

 

टॉन्सिल्स में क्या खाने से परहेज करे

  • ठंडी चीजों के सेवन से दूर रहे।
  • कोल्ड ड्रिंक आदि का सेवन न करे।
  • दूध, दही और मलाई का उपयोग न करे।
  • चटपटे मसालेदार और तले हुए भोजन का परहेज रखे।
  • शराब और नशीली चीजों का सेवन बिलकुल बन्द कर दे।
  • सर्दी और जुकाम के रोगियो से थोड़ा दूर रहने की कोशिश करे।
  • सिगरेट आदि भी पीने से बचे इससे इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है।
  • खाना खाते समय हाथों की  सफाई का विशेष ध्यान रखे और खाना खाने के बाद भी हाथ को अच्छे से धोये।

 

दोस्तों टॉन्सिल्स का इलाज के घरेलू उपाय, toslis home remedies tips in hindi का ये लेख आपको कैसा लगा हमें कमेंट करके बताये और अगर आपके पास टॉन्सिल्स का उपचार के देसी आयुर्वेदिक नुस्खे है तो हमारे साथ शेयर करे।

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18 Responses

  1. Reeta says:

    6 month see dava chal rahiii h lekin look relief nii mil raha h .
    Koi aur rule bataye

  2. Suraj gandharva says:

    Sir mera bachcha 7 sal ka he use tonsils ki problem ho gyi he doctors ne operation karne ka kaha he sir aap bataye me kya kru

    • Admin says:

      सूरज जी टॉन्सिल्स का ट्रीटमेंट आयुर्वेदिक तरीके से बिना आपरेशन के कर सकते है. आप ऊपर लिखे हुए नुस्खे पढ़े.

    • shital says:

      Bhai septilin use karke dekho. Ye ayurvedic hai. Isme 60 tablets hoti hai.Subh dopahar shyam me kar dekho. Shayad accha ho jaye aur abhi bccha chota hai is age mai operation sahi nhi hai. Muje bhi yhi problem this 8 years se but jab meri age 8 year old thi tab ye tablets mujh par kam kar rhi thi…

  3. ankush says:

    Sir mare gale main tonsil hai doctor opration karne ki salah dete hai

  4. शिव कुमार प्रसवारे says:

    सर मेरा टांसिल का सुजन लगभग पिछले 10 वर्षो से बना रहेता है इसका इलाज कैसे हो सकता है ।मेरी उम्र 36 वर्ष है।

    • Admin says:

      टॉन्सिल के इलाज के घरेलू तरीके और उपाय ऊपर लेख में बताये गए है आप इन्हें पढ़े.

  5. Ravi kant pandey says:

    metal beta 7 year ka hai doctor bolta hai operation karne ko app sahi aur satic ilaj bataye

    • Admin says:

      बिना ऑपरेशन के भी टॉन्सिल ठीक किये जा सकते है, आप घरेलू तरीके से भी इसका इलाज कर सकते है, इसकी जानकारी आप ऊपर लेख में पढ़े।

  6. Vinod Kumar says:

    Sir mera bhai 5 saal ka h doc operation krane ke liye khe h hum log operation ke liye ready nhi h plz koi tarika btaye jaldi. Thank you sir

  7. Arvind shah says:

    Sir mera name Arvind h, me gale ki tonsil se bhot presan hu, Last 2 year se, doctor operation ke liye bolta h me kya kru

    • Admin says:

      टॉन्सिल का इलाज के घरेलू और आयुर्वेदिक नुस्खे ऊपर लेख में बताये गए है आप इन्हें पढ़े.

  8. Dinesh Gurav says:

    Sir meri umr 19 saal hai muze tonsils bohot taklif dete hai doctor ne to operation nai krne ko bola lekin 4month ho Gaye or phir bhi y thik nahi ho rahe bai

    • Admin says:

      टॉन्सिल का इलाज में आयुर्वेदिक नुस्खे और होम्योपैथिक दवा काफी फायदेमंद है आप इन्हे करे और जरुरी परहेज भी करे.

  9. Surender says:

    Mere beti de 13 year ki hai 3 month se tonsil ho rhe h dawai se thoda aaram aata hai fir kuch din baad wahi Dr ne spoilin di hai allopathic Dr ne 10 din se le rhe h per koi aaram nhi aa rha.

  10. Niranjan Paul says:

    मुझे बहुत दिनों से खांसी है। टीबी नहीं है। गले में लगातार खराश आते रहता है। लगातार खांसता रहता हूँ। डॉक्टर को दिखाकर थक गया हूँ। कोई दवा बतायें।

  11. shahjad says:

    Sir mujhe 7 year se tonsil hai or mdne ilaj bhi karaya tha doctor operation bata de te hai main kya karu aap kuch smadhan batao.

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