पीरियड्स में दर्द का इलाज जल्दी करने के लिए 5 उपाय और नुस्खे

पीरियड्स में दर्द का इलाज इन हिंदी: पीरियड्स को माहवारी और मासिक धर्म के नाम से भी जानते है। कुछ लड़कियां ऐसा भी सोचती है की ये पीरियड्स क्यों आते है। पीरियड्स साईकल के अनुसार महीने में एक बार महावारी आती है और इस दौरान काफी दर्द और परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। कुछ महलाओं को मासिक धर्म देरी से आते है तो कुछ को जल्दी आ जाते है पर जादातर को ये सही समय पर शुरू हो जाते है। सही समय पर मासिक धर्म आने से ये मालूम पड़ता है की प्रजनन तंत्र ठीक है। मासिक धर्म के समय कमर दर्द और पेट दर्द की शिकायत होती रहती है जो कई बार असहनीय होता है। कुछ घरेलू उपाय करके पीरियड्स के दौरान दर्द और दूसरी होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है।

इस लेख में आज हम पढ़ेंगे देसी नुस्खे और आयुर्वेदिक दवा (मेडिसिन) से मासिक धर्म के दर्द का उपचार कैसे करे, home remedies tips for periods pain relief treatment in hindi.

पीरियड्स में दर्द का इलाज, Periods pain relief tips in hindi

 

पीरियड्स में दर्द क्यों होता है

  • पीरियड्स में प्रोस्‍टेग्‍लैडिंस स्‍त्राव होता है जिस कारण दर्द होता है।
  • माहवारी आना महिलाओं के लिए ऐसी प्रक्रिया है जिसमें गर्भाशय अस्तर यानि गर्भ का अंदरूनी भाग फैलने लगता है और गर्भाशय के अस्तर से खून शरीर से बाहर निकल जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान कमजोर अंडाणु शरीर से बाहर की और निकलने लगते है।
  • कई बार पीरियड्स रेग्युलर ना होने के कारण भी दर्द अधिक होता है और कई बार हेवी ब्लीडिंग होने की वजह से भी दर्द जादा होता है।

 

माहवारी में नॉर्मल क्या है

  1. सिर दर्द होना
  2. कमर दर्द होना
  3. नींद अधिक आना
  4. पेट के नीचे भाग में दर्द होना
  5. शरीर पर किसी खास जगह पर सूजन आ जाना

माहवारी खत्म होने के साथ ही ये सब समस्याएं भी दूर हो जाती है पर व्यायाम करके और अच्छी डाइट लेकर इनके प्रभाव को कम कर सकते है। इसके साथ ये भी ध्यान दे की मासिक धर्म के समय अधिक वजन ना उठाए। उम्र बढ़ने के साथ ही शरीर में उठने वाला ये दर्द भी कम होने लगता है।

 

पीरियड्स में दर्द का इलाज के घरेलू उपाय

Periods Pain Treatment in Hindi

 

1. माहवारी के समय शरीर में विटामिन और आयरन की खपत अधिक होती है और अगर सही समय पर इनकी कमी की पूर्ति ना की जाये तो अगले महीने पीरियड्स आने पर परेशानी अधिक हो सकती है। इसलिए शरीर में पोषक तत्वों की कमी दूर करने के लिए दूध, दही, फलों का जूस और हरी सब्जियों का सेवन अधिक करे।

2. माहवारी में पेट दर्द का उपचार करने के लिए किसी गर्म तौलिये या फिर गर्म पानी वाली बोतल से पेट के नीचे वाले हिस्से पर सिकाई करे, ऐसा करने पर शरीर की गंदगी आसानी से निकल जाती है और दर्द कम होता है। दर्द से राहत पाने में ये तरीका काफी उपयोगी है, ज़रूरत होने पर ही दर्द निवारक दवा का प्रयोग करे।

3. हल्के गरम पानी से नहाए इससे शरीर का तापमान बढ़ता है जिससे शरीर का फैलाव बढ़ता है और गर्भ के अस्तर से आसानी से ब्लड निकल जाता है। माहवारी में होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए गरम पानी से दिन में दो से तीन बार नहाना चाहिए।

4. मासिक धर्म के समय पानी अधिक मात्रा में ले और जितना हो सके पानी को गुनगुना कर के पिए। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट अधिक होते है, पीरियड्स में पेट दर्द के इलाज के लिए ग्रीन टी का सेवन भी कर सकते है।

5. उदरीय भाग पर पांच से दस मिनट तक हल्के हाथों से मालिश करे, ऐसा करने पर सूजन कम होती है। आप बैठ कर, लेट कर या फिर खड़े हो कर मालिश कर सकते है। मसाज के लिए जैतून का तेल या फिर नारियल का तेल इस्तेमाल कर सकते है और मालिश करने के लिए तेल गुनगुना कर ले।

 

पीरियड्स में दर्द हो तो क्या करना चाहिए

1 चम्मच हल्दी का पाउडर एक गिलास हल्के गरम दूध में मिलाकर पिए। हल्दी से शरीर में गर्मी बढ़ती है जिससे पीरियड्स में होने वाली समस्याएं और दर्द से आराम मिलता है। पीरियड्स के दौरान जो महिलाएं आम दिनों की तरह रहना चाहती है हल्दी वाला दूध उनके लिए बहुत फायदेमंद है।

 

मासिक धर्म में पेट दर्द का आयुर्वेदिक उपचार

पीरियड्स के दौरान दर्द दूर करने के लिए आप अपने घर पर ही आयुर्वेदिक दवा बना सकते है। एक चम्मच शहद, एक चम्मच हल्दी और दो चम्मच जीरा एक गिलास पानी में उबाले और जब ये गाढ़ा होने लगे तब छाने बिना इसे एक कप में डाल कर पिए। इस आयुर्वेदिक मेडिसिन को एक दिन में दो बार पीने पर दर्द में आराम मिलेगा।

 

पीरियड्स पैन रिलीफ के लिए व्यायाम करे

  • जिन लड़कियों का वजन जादा होता है उन्हें पीरियड्स में परेशानी जादा होती है। इसलिए योग और एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाये। जो महिलाएं एक्टिव और फिट रहती है वे माहवारी के दौरान भी स्वस्थ रहती है।
  • योगा और एक्सरसाइज शरीर में खून का प्रवाह बेहतर होता है जिससे पीरियड्स में दर्द अधिक नहीं होता।
  • अगर तकलीफ़ जादा हो रही है तो व्यायाम नहीं आराम करना चाहिए।
  • पीरियड्स के दिनों में हल्का व्यायाम करे।

 

मासिक धर्म के समय सावधानी

पीरियड्स के समय इंफेक्शन होने का ख़तरा जादा होता है। पीरियड्स में इन्फेक्शन से दूर रहना है तो साफ़ सफाई का पूरा ध्यान रखे, इसलिए पांच से छह घंटे में पैड बदले।

 

पीरियड्स के दौरान तेजी से हार्मोंस बदलते है जिससे शरीर में कई बदलाव होते है जिस वजह से महिलाओं का मूड बदलता रहता है और गुस्सा आना, मन उदास हो जाता है, कुछ भी खाने पिने का मन नहीं करता और नींद अधिक आना पीरियड्स में आम है।

 

आपको पीरियड्स में दर्द का इलाज के घरेलू उपाय, periods pain relief tips in hindi का ये लेख कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास माहवारी के समय पेट कमर दर्द का उपचार के नुस्खे या कोई सुझाव हो तो हमारे साथ शेयर करे।

You may also like...

4 Responses

  1. sameer says:

    apki baate achchi lagi but agar period na aaye time par aur pair me dard rhe to uska ilaj kese kare

  2. Shivansh says:

    Worlds no. 1 such best nuskhe

  3. Rajni says:

    Aap ke ilaj kafi aache hai par agar pregnancy conceive na ho to kya karna chahiye jab ke shadi ko 5 year ho chuke ho.

    • Admin says:

      हम प्रयास करेंगे इस बारे में जल्दी ही एक लेख आप से साँझा करे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!