मलेरिया के लक्षण 10 आसान घरेलू उपचार और आयुर्वेदिक दवा

Malaria ke lakshan gharelu upchar nuskhe aur ayurvedic dawa in hindi: अनोफेलएस नाम के मादा मच्छर के काटने के कारण मलेरिया होता है इसलिए इस रोग से बचने के लिए मच्छरों को फैलने से रोकना बहुत जरुरी है। मलेरिया बुखार की पहचान अगर शुरुआत में हो जाये तो समय रहते ही इसका इलाज और उपाय करके इस रोग को बढ़ने से रोका जा सकता है। कुछ लोग मलेरिया की दवा (मेडिसिन) और इंजेक्शन से ट्रीटमेंट करते है पर हम दवा लेने के साथ साथ अगर कुछ देसी घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक इलाज करे तो इस बीमारी को जल्दी ठीक कर सकते है। आज इस लेख में हम जानेंगे मलेरिया के लक्षण उपचार और दवा में क्या करना चाहिए।

मलेरिया का उपचार और लक्षण, Malaria ke gharelu upchar in hindi

 

मलेरिया के लक्षण क्या है – Malaria Symptoms

  • तेज बुखार आना
  • कपकपी होना और तेज ठंड लगना
  • उल्टी होना, जी घबराना
  • पसीना आना
  • सिर में दर्द की शिकायत होना
  • कमजोरी आना व मांसपेशियों में दर्द महसूस होना
  • हर रोज एक ही समय पर बुखार आना और उतरना भी मलेरिया होने के लक्षण है।

 

मलेरिया का उपचार इलाज के घरेलू नुस्खे

Malaria Ke Upchar ke Gharelu Nuskhe in Hindi

1. मलेरिया बुखार के इलाज के लिए 4 पीसी हुई काली मिर्च 5 ml प्याज के रस में मिला कर इसे दिन में 2 से 3 बार पिए।

2. चिरायता मलेरिया में एक अचूक आयुर्वेदिक दवा है। 15 ग्राम चिरायता, दालचीनी और थोड़ी लौंग, 250 ml गरम पानी में मिलाए। इस पानी के प्रयोग से मलेरिया का बुखार उतरने लगेगा।

3. गरम पानी में थोड़ा नींबू मिला कर पीने से भी धीरे धीरे बुखार कम होने लगता है।

4. 10 ग्राम अदरक और 10 ग्राम मुनक्का एक गिलास पानी में डाल कर तब तक उबाले जब तक पानी आधा ना रह जाए फिर इसे ठंडा होने पर पिए।

5. मलेरिया होने पर 70 ml पानी में 3 ग्राम चुना घोल ले फिर इसमें नींबू निचोड़ कर पिए। इस उपाय को हर रोज करने पर बुखार से राहत मिलती है।

6. जिस समय बुखार ना हो तब आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर 10 ग्राम तुलसी के पत्तों के रस में मिला कर चाटे। इस घरेलू नुस्खे से मलेरिया ठीक होने लगेगा।

7. अगर बुखार तेज हो तो माथे पर ठंडे पानी की पट्टियां रखे, ऐसा करने से शरीर का तापमान धीरे धीरे कम होने लगेगा। ठंडे पानी में तोलिया भिगो कर शरीर पोंछने से भी फायदा मिलता है।

8. थोड़ी फिटकरी तवे पर भुन ले और इसका पाउडर बना ले। अब इसका आधा चम्मच बुखार आने के लगभग 3 घंटे पहले पानी के साथ ले और हर 2 घंटे में ये उपाय करे। इससे बुखार में आराम मिलने लगेगा।

9. एक गिलास पानी में आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर, 1 चम्मच शहद और 1 चम्मच दालचीनी मिला कर गरम करे और फिर ठंडा होने पर पिए। इस होम रेमेडी से मलेरिया के उपचार में काफी फायदा मिलता है।

10. जामुन के पेड़ की छाल सूखा कर पीस ले और इसका चूर्ण बना ले। अब इस चूर्ण का 5 ग्राम ले और गुड के साथ दिन में 2 से 3 बार ले, इस देसी इलाज से मलेरिया में तेजी से आराम मिलता है।

 

मलेरिया का आयुर्वेदिक इलाज और दवा – Malaria Ka ilaj Ayurvedic Dawa in Hindi

  • मलेरिया का इलाज बाबा रामदेव की दवा दिव्य ज्वरनाशक क्वाथ भी उपयोगी है। ये आयुर्वेदिक मेडिसिन डेंगू और टाइफाइड के बुखार में भी असरदार है। ये दवा आप नजदीकी पतंजलि के स्टोर से ले सकते है।
  • फूली हुई फिटकरी का चूर्ण इसके 4 गुणा पीसी हुई खांड में मिला कर इसकी 2 ग्राम मात्रा गुनगुने पानी से 2 – 2 घंटे के बाद दिन में 3 बार ले।
  • तुलसी के पत्ते हर तरह के बुखार में रामबाण आयुर्वेदिक उपचार है। तुलसी के 10 से 15 पत्ते पीस कर इसका रास 1 कप में डाले फिर इसमें चुटकी भर काली मिर्च मिला कर दिन में 3 बार इसका सेवन करे।
  • मलेरिया से शरीर में कमजोरी आने लगती है जिसे दूर करने में मेथी के दाने काफी फायदेमंद है, किसी भी रूप में मेथी के दानों का सेवन करे जैसे की मेथी के लड्डू, सब्जी या पत्ते खाना।
  • कुछ लोगों को मलेरिया होने के साथ टाइफाइड भी हो जाता है ऐसे में ज्यादा आराम करे और ट्रीटमेंट लेने के साथ अपने खाने और पीने का भी ध्यान रखे और शरीर में पानी की कमी ना होने दे।

 

बच्चों में मलेरिया के कारण और बचाव 

  • बच्चों की इम्युनिटी बड़ों के मुकाबले कमजोर होती है यही कारण है की बच्चे जल्दी बीमारी पड़ जाते है। बच्चों को मलेरिया होने पर उनका ज्यादा ख्याल रखना चाहिए।
  • बच्चे ज्यादातर खुल्ले में रहते है जिस वजह से उन्हें मच्छरों के काटने और कोई इन्फेक्शन होने का खतरा अधिक होता है। इससे बचने के लिए जरुरी है की बच्चे जब भी घर से बाहर जाए तो उन्हें पूरे कपड़े पहना कर ही भेजे।

 

दोस्तों मलेरिया का उपचार लक्षण और दवा, Malaria ke lakshan aur ilaj upchar in hindi का ये लेख कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास मलेरिया बुखार का इलाज के उपाय घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट से जुड़े अनुभव है तो हमारे साथ साँझा करे।

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