घरेलू नुस्खे 15 आसान उपाय और आयुर्वेदिक उपचार से इलाज

घरेलू नुस्खे उपाय और आयुर्वेदिक उपचार: किसी भी बीमारी के इलाज और समस्या के समाधान के लिए बहुत से लोग सबसे पहले घरेलू तरीके अपनाते है जिनके लिए नानी और दादी माँ के नुस्खे का सहारा लिया जाता है। वजन कम करना हो या बढ़ाना हो, चेहरा गोरा करना हो या दाग धब्बे साफ करने हो, बाल झड़ने से रोकने हो या नए बाल उगाने हो या फिर शरीर से जुड़े किसी रोग से छुटकारा पाना हो, घर पर किये जाने वाले उपाय काफी फायदेमंद होते है। अगर हम पहले के समय की बात करे तो वैद रोगी की नब्ज देख कर ही उसकी बीमारी जान लेते थे और देसी आयुर्वेदिक दवा बना कर उस रोग का इलाज किया करते थे। हमारी रसोई में बहुत सी ऐसी चीजें मौजूद है जिनमें ऐसे कई औषधिय गुण है जो रोगों को दूर करने में मदद करते है। आज भी हमारे नाना-नानी और दादा – दादी घरेलू नुस्खे से उपचार करना ही बेहतर मानते है क्योंकि ये नुस्खे बहुत पुराने जमाने के है और इनसे सेहत को नुकसान भी नहीं होता। आइये जाने Gharelu nuskhe in hindi.

घरेलू नुस्खे और उपाय, Gharelu nuskhe in hindi

 

घरेलू नुस्खे उपाय और आयुर्वेदिक उपचार

Gharelu nuskhe in hindi

1. पथरी का आयुर्वेदिक तरीके से उपचार करने के लिए मिश्री के 4 दाने और 1 पत्ता पथरचट्टा का पीस ले और खाली पेट 1 गिलास पानी के साथ इसका सेवन करे।

2. हाई ब्लड प्रेशर कम करने के लिए सरपगंधा 1 ग्राम, सूखा धनिया 1 ग्राम और 2 ग्राम मिश्री पीस कर पानी के साथ ले।

3. शूगर कंट्रोल करने के लिए करेले का जूस सुबह खाली पेट पिये। करेले का जूस बनाने से पहले इसमें से बीज निकाल दे। जूस बन जाये तो इसमें थोड़ा सा पानी मिला कर पिये। 2 महीने लगातार ये उपाय करने पर शुगर कंट्रोल रहेगी।

4. खून की कमी दूर करने के लिये बेलगिरी चूर्ण 5 ग्राम में  ले और 1 गिलास मीठे दूध में मिला कर पिये। लगातार ये उपाय कुछ दिन करने पर शरीर में खून की कमी पूरी होने लगती है।

5. बवासीर में खून रोकने और इस रोग के इलाज के लिए धुले हुए काले तिल 10-12 ग्राम की मात्रा में ले और मक्खन के साथ सेवन करे। कुछ दिन निरंतर इस नुस्खे को करने से बवासीर में खून का आना बंद होता है।

6. सर्दी और जुकाम होने पर नाक बंद हो जाये तो थोड़ी अजवाइन पीस कर एक कपड़े में बाँध ले। अब थोड़ी थोड़ी देर में इस को सूंघने से नाक खुलने लगेगी।

7. दांत में दर्द की समस्या के समाधान के लिए अमरूद के 3 से 4 पत्ते 1 गिलास पानी में उबाल ले और गुनगुना हो जाने पर इसे छान ले। इसमें अब थोड़ा सा नमक मिला कर इस पानी से कुल्ला करे।

8. डेंगू और चिकनगुनिया के रोग में 5-6 तुलसी के पत्ते और थोड़ी गिलोय 1 गिलास पानी में उबाल कर काढ़ा बनाये और सेवन करे। प्लेट्लेट की मात्रा बढ़ाने के लिए 3-4 पपीते के पत्ते का रस इस काढ़े में मिला कर सेवन करे।

9. सर्दियों में होने वाली बिमारियों से बचने के लिए खान पान का ध्यान रखना जरुरी है। सर्दियों में अदरक, काली मिर्च, लहसुन, गुड, तिल और केसर जैसी चीजों का सेवन करना चाहिये। विटामिन सी के लिए नींबू, संतरा और अमरुद का सेवन करे।

10. गले में छाले और टॉन्सिल की शिकायत होने पर 20 ग्राम मेथी दाना आधा लीटर पानी में धीमी आँच पर पका ले फिर पानी के ठंडा हो जाने पर छान कर इसमें थोड़ा नमक डाले और 5-10 मिनट तक इस पानी से गरारे करे। दिन में 2 से 3 बार इस नुस्खे को करने से टॉन्सिल्स की वजह से होने वाले दर्द में आराम मिलने लगेगा।

11. पेट की गैस और पेट दर्द की समस्या में अजवाइन, काली मिर्च, जीरा, लहौरी नमक, मोटी इलायची, सोंठ, नौसेदार, धनिया, काला नमक और पुदीना। इन सब को 10-10 ग्राम ले और साथ ही 3 ग्राम लौंग भी ले। अब इन्हें मिला कर पीस ले और चूर्ण बना ले। हर रोज इस का 3 ग्राम पेट दर्द और गैस से राहत मिलती है। पाचन ठीक करने में भी इस उपाय से मदद मिलती है।

12. जोड़ों और घुटनों के दर्द को दूर करने के लिए आमलकी, अश्वगंधा और शतावरी चूर्ण अच्छे से मिला कर हर रोज सुबह पानी के साथ सेवन करे। इस उपाय से दर्द में आराम मिलेगा और जोड़ भी मजबूत होंगे। अगर गठिया तो ये उपाय इसमें भी उपयोगी है। लहसुन तेल में हींग और अजवाइन मिला कर अच्छे से पका कर इससे जोड़ों की मालिश करने से भी दर्द दूर होता है।

13. माइग्रेन (आधे सिर दर्द) के रोग में दर्द सिर के जिस भी हिस्से में हो उस तरफ वाली नाक में गाय का देसी घी डाले।

14. लीवर की कमजोरी और सूजन के उपाय के लिये प्रतिदिन सुबह शाम 1 चम्मच सेब का सिरका और 1 चम्मच शहद 1 गिलास पानी में मिला कर इसका सेवन करे। लिवर की गर्मी दूर करने और ताकत बढ़ाने में ये रामबाण इलाज है।

15. चेहरे से पिंपल्स हटाने के लिए पानी में नीम के पत्ते उबाल कर इससे अपने चेहरे को धोएं और पत्ते पीस कर इसका लेप चेहरे पर लगाये।

16. किडनी के रोगों के इलाज के लिए पानी ज्यादा पिने की आदत बनाये। इससे किडनी में मौजूद हानिकारक पदार्थ पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाते है। नींबू पानी पीना भी फायदेमंद है।

17. कब्ज के इलाज के लिए ईसबगोल को दही में मिला कर खाये। पालक और पत्ता गोभी का जूस भी इस रोग में असरदार है।

ऊपर बताये गए उपाय जानकारी मात्र है, अगर रोग गंभीर है तो आयुर्वेदिक चिकित्सक या डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

 

दोस्तों घरेलू नुस्खे उपाय और आयुर्वेदिक उपचार, Gharelu nuskhe in hindi का ये लेख आपको कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास रोगों से छुटकारा पाने के लिए देसी इलाज है तो हमारे साथ साँझा करे।

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