चिकनगुनिया का उपचार के 5 घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे

चिकनगुनिया, डेंगू और वायरल बुखार आजकल बहुत बढ़ रहा है और इनसे पीड़ित मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इन्हीं कारणों से आजकल लोग थोड़ा सा बुखार होने पर भी अनेकों प्रकार के टेस्ट करवाने लगते है। चिकनगुनिया का बुखार डेंगू के जैसे खतरनाक तो नहीं है परन्तु अगर इसके लक्षणों को पहचान कर ठीक से इसका इलाज ना किया जाये तो यह भी भयानक हो सकता है। इससे पहले हमने डेंगू और बुखार के घरेलू उपाय और लक्षणों के बारे में जाना था। हमारे इस लेख में आप जानेंगे कि चिकनगुनिया का उपचार देसी तरीके और आयुर्वेदिक नुस्खे से कैसे करे और कैसे आप इस बीमारी से बच सकते है, natural ayurvedic home remedies tips for chikungunya treatment in hindi.

चिकनगुनिया का उपचार के घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे

 

किन कारणों से होता है चिकनगुनिया और कैसे पहचाने इसके लक्षणों को

किसी भी तरह की बीमारी के सही इलाज के लिए उस बीमारी के सही कारणों और लक्षणों के बारे में सही जानकारी का होना बहुत जरुरी है। सही जानकारी न होने से लोग तरह -तरह के उपायों से बीमारी से छुटकारा दिलाने का दावा करते है, ऐसा करने से मरीज की सेहत के और बिगड़ने का तो खतरा रहता ही है बल्कि हालात और भी गंभीर हो सकते है। चिकनगुनिया की बीमारी एडीज नाम के मछर के काटने से होती है। यह बुखार एक मरीज से दूसरे में नही पनपता।

तेज बुखार के साथ जोड़ो में दर्द का होना इस बीमारी के बहुत बड़ा लक्षण है। मछर के काटने से दस से पंद्रह दिनों में यह बुखार अपने लक्षण दिखाने लगता है।

  • सिर में दर्द की शिकायत होना।
  • उलटी होना।
  • तेज बुखार के साथ ठण्ड का महसूस होना।
  • चेहरे, तलवों और हाथों में दानों का होना।
  • जोड़ो में सूजन और दर्द का होना।
  • कई लोगो के नाक और मसूड़ो से भी खून बहने लगता है।

कुछ लोग सही जानकारी न होने के कारण सामान्य बुखार में भी महंगे से महँगे मेडिकल टेस्ट करवाने लगते है। ऐसा करने से बुखार से पीड़ित व्यक्ति को परेशानी का तो सामना करना ही पड़ता है और साथ ही उसे आर्थिक नुकसान भी होता है। यदि आपको चिकनगुनिया बुखार के लक्षण दिखाई दे तो ही मेडिकल टेस्ट करवाये।

 

चिकनगुनिया का उपचार के देसी और घरेलू उपाय

Chikungunya ka Upchar ke Desi aur Gharelu Upay

 

1. पपीते के पत्तों से घरेलु उपाय

  1. बुखार होने से शरीर में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगते है। पपीते के पतों के प्रयोग से तीन से चार घण्टे में प्लेटलेट्स बढ़ने लगते है।
  2. पपीते के पत्तों से उसकी डंठल को पत्तों से अलग कर दे और पत्तों को पीस ले फिर इसका जूस बनाये। रोजाना तीन बार दो से तीन चम्मच का सेवन करने से राहत मिलती है। डेंगू के बुखार में भी पपीते का सेवन बहुत लाभदायक होता है।

 

2. लहुसन

चिकनगुनिया के बुखार में जोडों में दर्द रहता है। इन जोड़ो के दर्द से राहत पाने के लिए लहुसन और अजवाइन की फली को तेल में अच्छी तरह से मिलाकर गर्म कर ले। अब इस तेल से जोडों पर हलके हाथों से मालिश करे ऐसा करने से दर्द से छुटकारा मिलने लगता है।

 

3. अंगूर और गाजर का उपयोग

  • कच्ची गाजर के सेवन से चिकनगुनिया के बुखार में आराम मिलता है और मरीज में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  • बिना बीज वाले अंगूरों को हलके गुनगुने गाय के दूध के साथ प्रयोग करने से चिकनगुनिया का वायरस समाप्त होता है।

 

4. अजवाइन

नीम की सुखी हुयी पत्तियों, तुलसी, किशमिश और अजवाइन को एक गिलास पानी में उबाल कर दिन में दो से तीन बार सेवन करे।

 

5. लौंग

लौंग के तेल में लहुसन को पीसकर डाले इसके बाद किसी भी कपडे में बांधकर जोडों पर बांध दे ऐसा करने से दर्द में भी राहत मिलेगी और बुखार भी  कम होने लगेगा।

 

चिकनगुनिया बुखार के इलाज में बाबा रामदेव आयुर्वेदिक दवा

विलवादी गुलिका, सुदर्शन नाम गुलिका अमृतरिश्तव आदि आयुर्वेदिक मेडिसिन इस बीमारी में प्रयोग कर सकते है। ये दवाएं आपको baba ramdev के पतंजलि स्टोर से मिल सकती है। इनके प्रयोग से पहले किसी वैध की सलाह अवश्य ले और जाने की इन दवायो का प्रयोग कैसे और कब करना है।

 

चिकनगुनिया का उपचार के राजीव दिक्षित के उपाय

तुलसी, गिलोय, थोड़ी सी सोंठ व थोड़ी मात्रा में छोटी पीपर मिला ले और एक काढ़ा बनाकर रोजाना दिन में तीन बार सेवन करे, यदि काढ़ा अधिक कड़वा लगे तो आप उसमे थोड़ा गुड़ भी मिला सकते है।

 

चिकनगुनिया से छुटकारा पाने के लिए कुछ जरूरी उपाय

  • चिकनगुनिया के बुखार का पता चलने पर सबसे पहले आप डॉक्टर से संपर्क करे ।
  • पहले से ज्यादा पानी पीना शुरू करे जितना हो सके उतना पानी पिए यदि पानी को थोड़ा गर्म करके सेवन करने तो यह और भी लाभदायक है।
  • नारियल पानी का सेवन भी फायदेमंद है।
  • अधिक से अधिक आराम करे।
  • थकावट वाला और कोई भारी काम न करे ।
  • मरीज के रहने के स्थान, कपड़ो और बिस्तर की सफाई का विशेष ख्याल रखे।
  • दुघ और दही का सेवन करे।
  • पपीते और करेले का प्रयोग भी बहुत लाभदायक होता है।
  • जोड़ो के दर्द से आराम पाने के लिए को भी दवा ले तो पहले डॉक्टर से सलाह कर ले।

 

होमियोपैथी से चिकनगुनिया का इलाज के टिप्स

चिकनगुनिया के बुखार का होम्योपैथिक उपचार के द्वारा भी संभव  है। इस इलाज में ocimum 200 नाम की दवा की रोजाना दो-दो बुँदे मरीज को तीन बार पिलाये। होम्योपैथिक विधि के द्वारा ट्रीटमेंट करने से पहले होम्योपैथिक डॉक्टर से विचार-विमर्श कर  ले।

 

छोटे बच्चों के लिए चिकनगुनिया से बचने के तरीके

इस बीमारी से छोटे बच्चों को बचाने के लिए उनका अच्छी तरह से ख्याल रखने की जरुरत होती है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उनके लिए बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और उनके इलाज में भी थोड़ी परेशानी होती है।

बुखार, नींद का न आना या अधिक नींद का आना, उलटी-दस्त, शरीर पर रेशेस अदि लक्षण छोटे बच्चो में  दिखे तो तुरंत डॉक्टर से मिले।

 

दोस्तों चिकनगुनिया का उपचार के देसी घरेलू उपाय, chikungunya treatment tips in hindi का ये लेख आपको कैसा लगा हमें कमेंट करके बताये और अगर आपके पास चिकनगुनिया का इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे है तो हमारे साथ शेयर करे।

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2 Responses

  1. raju kumar says:

    nuskha achha laga

  2. Ashutosh jaiswal says:

    Helpful upchar

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