चिकनगुनिया बुखार और जोडों के दर्द का रामबाण इलाज

चिकनगुनिया जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार इन हिंदी: बुखार होने पर बदन दर्द और सिर में दर्द होना आम है पर चिकनगुनिया बुखार में जोड़ों का दर्द, हाथों पैरों व उंगलियों में दर्द होने के साथ तेज बुखार आना इसके प्रमुख लक्षण है। चिकनगुनिया के इलाज के बाद fever तो ठीक हो जाता है पर जोड़ों का दर्द से जल्दी छुटकारा नहीं मिलता। कुछ लोग चिकनगुनिया के बाद दर्द का इलाज की दवा लेते है और तुरंत दर्द दूर करने के लिए कई तरीके के तेल भी प्रयोग करते है। आप चिकनगुनिया के दौरान जोड़ों के दर्द को दूर करने के उपाय और देसी घरेलू नुस्खे से इस रोग से राहत पा सकते है। आइये जाने चिकनगुनिया के दर्द का उपचार कैसे करे, natural ayurvedic home remedies for chikungunya joints pain treatment in hindi.

इस रोग से पूरी तरह ठीक होने में रोगी को कुछ हफ्ते से लेकर महीने तक लगते है क्यूंकि ये हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है। अगर सही तरीके से इलाज व देखभाल करे तो 2 से 3 हफ़्तों में हफ्ते मे चिकनगुनिया के बुखार और दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।

चिकनगुनिया जोड़ों के दर्द घरेलू उपचार, Chikungunya ke dard ka ilaj in hindi

 

चिकनगुनिया के लक्षण और इलाज : Chikungunya Symptoms

  • जोड़ों में दर्द करना और तेज बुखार होना इस रोग के पहले लक्षण है। इस बीमारी में बुखार 1 से लेकर 3 हफ़्तों तक रह सकता है।
  • हाथ, चेहरे और जांघों पर चकते पड़ना भी इस बीमारी के लक्षण है। इसके इलावा चक्कर आना, उल्टी होना और सिर दर्द करना भी इसके सिम्प्टम्स है।
  • चिकनगुनिया के होम्योपैथिक उपचार के लिए Eupatperf 200 नाम की एक होम्योपैथिक दवा आती है। ये मेडिसिन चिकनगुनिया के लक्षण कम करती है।
  • इस बीमारी को जल्दी ठीक करने के लिए जितना हो आराम करना चाहिए।
  • मिर्च मसालेदार व ज्यादा तला हुआ खाने से परहेज करे।
  • इस बीमारी के treatment के लिए अभी तक ऐसी कोई अंग्रेजी दवा नहीं है जिससे तुरंत आराम मिल सके और चिकनगुनिया वायरस खत्म हो जाये। इसलिए खुद से मेडिसिन लेने से बचे व चिकित्सक द्वारा बताई हुई दवाई ही खाये।

 

 

चिकनगुनिया जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार व इलाज

Chikungunya Jodo ke Dard ka ilaj in Hindi

1. जोड़ों में दर्द के लिए उपचार चिकनगुनिया में अंगूर के सेवन से फायदा  मिलता है। गाय का दूध हल्का गुनगुना करें और इसके साथ अंगूर खाये। इस घरेलू नुस्खे से चिकनगुनिया वायरस खत्म करने में मदद मिलती है बस एक बात का ध्यान रहे की अंगूर बिना बीज वाले ही हो।

2. मालिश करने से भी दर्द से आराम मिलता है। हाथों पर व पैरों के तलवों पर हल्की हल्की मालिश करने पर दर्द दूर होने लगता है।

3. चिकनगुनिया के बाद जोड़ों का दर्द का इलाज करने में लहसुन के सेवन से काफी राहत मिलती है। लहसुन शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ाता है और साथ ही दर्द से छुटकारा पाने में भी उपयोगी है। इस रोग में प्रतिदिन खाली पेट लहसुन की 2 से 3 कलियाँ खाना चाहिए।

4. दर्द से छुटकारा पाने के लिए आहार में शिमला मिर्च शामिल करे।

5. जोड़ों पर आइस पैक लगाने से सूजन और दर्द कम होने लगता है। एक कपड़े या फिर तोलिये में बर्फ के टुकड़े लपेट ले और सूजन वाली जगह पे लगाए।

6. चिकनगुनिया के दर्द का तेल gharelu upchar कर के भी बना सकते है। लहसुन के पेस्ट में लौंग का तेल मिला कर एक कपड़े की सहायता से दर्द वाले हिस्से पर बाँध दे। इस होम रेमेडीज को करने से बुखार और दर्द दोनों में आराम मिलता है।

7. हल्दी इस बीमारी के लक्षणों को दूर करने में बेहद उपयोगी है।

8. लहसुन की तरह अदरक भी joints pain और सूजन से राहत पाने में फयदेमंद है।

9. चिकनगुनिया के दौरान जोड़ों के दर्द दूर करने के उपाय में गाजर के सेवन से भी फायदा मिलता है। गाजर खाने से शरीर में इस बीमारी के वायरस का असर कम करने की ताक़त बढ़ती है और दर्द ठीक होने लगता है।

10. दर्द दूर करने के उपाय में हलकी फुल्की एक्सरसाइज व स्ट्रेचिंग करने से भी राहत मिलती है बस ज्यादा वजन उठाने से बचे रहे।

 

चिकनगुनिया के बुखार का इलाज इन हिंदी

  1. चिकनगुनिया के उपचार में गिलोय एक आयुर्वेदिक दवा की तरह है। गिलोय का काढ़ा, गोली या चूर्ण के सेवन से चिकनगुनिया और डेंगू जैसे गंभीर रोगों को ठीक किया जा सकता है। गिलोय की गोली व चूर्ण आप baba ramdev पतंजलि स्टोर से ले सकते है।
  2. चिकनगुनिया बुखार के लक्षण दूर करने में पपीते के पत्ते का रस काफी असरदार है। बुखार होने पर शरीर में ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या तेज़ी से कम होने लगती है। पपीते के पत्तों का रस प्लेटलेट्स बढ़ाने मे काफी मददगार है। इस रामबाण इलाज को करने के लिए पपीते के पत्तों का रस निकाल कर दिन भर में कम से कम 3 बार पिए।
  3. अजवाइन व तुलसी चिकनगुनिया के इलाज का घरेलू उपाय है। इस उपाय को करने के लिए तुलसी, अजवाइन, किशमिश व नीम के सूखे पत्तों को उबाल कर बिना छाने दिन मे 2 से 3 बार पीना है।

 

चिकनगुनिया के दर्द की दवा : Chikungunya ki Dawa

  • जोड़ों के दर्द को दूर करने के के लिए रोगी को पेरासिटामोल टैबलेट व शरीर में ताक़त बढ़ाने के लिए विटामिन की गोली लेने की सलाह दी जाती है पर बिना डॉक्टर से सलाह लिए कोई भी medicine लेने से बचना चाहिए।
  • शुगर और दिल के मरीज को अगर चिकुनगुनया बुखार व जोड़ों के दर्द की शिकायत हो तो वह कभी भी खुद से चिकनगुनिया दवा ना ले। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से मिल कर ट्रीटमेंट के बारे में जाने।

 

चिकनगुनिया में क्या खाना चाहिए

  • ताजी सब्जियों का सूप और नारियल पानी पिए। इस बीमारी के दौरान रोगी के शरीर मे काफी कमज़ोरी आने लगती है और साथ ही पानी की कमी भी होने लगती है। इसलिए अपने आहार में तरल चीजों का अधिक सेवन करे जिससे कमजोरी दूर होगी और ताकत आएगी।
  • पत्तेदार साग में विटामिन ए और आयरन अधिक होता है जिससे शरीर को दर्द से लड़ने में काफी मदद मिलती है। चिकनगुनिया ठीक होने के बाद दर्द का इलाज करना है तो अपने आहार में साग जरूर खाएं।
  • एलोवेरा, गिलोय, पपीता, आनर, गेंहू के जवारे इन सब को मिला के जूस बनाये और दिन भर में 2 से 3 बार रोगी को पिलाये। इस आयुर्वेदिक उपचार से डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज को तेज़ी से आराम मिलेगा।
  • अपनी diet मे ऐसे फल भी खाए जिनमें विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में हो, ऐसा करने से बॉडी डीटॉक्स करने में मदद मिलेगी।

 

दोस्तों चिकनगुनिया जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार, Chikungunya Jodo ke Dard ka ilaj upchar in Hindi का ये लेख कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास डेंगू, चिकनगुनिया के बुखार और जोड़ों में दर्द का इलाज के उपाय व घरेलू नुस्खे है तो हमारे साथ साँझा करे।

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