स्तनों में दर्द होने के कारण और इलाज के 5 आसान उपाय

स्तनों में दर्द होने के कारण और इलाज के घरेलू उपाय: स्तनों में सूजन, दर्द, अकड़न और स्तनों में भारीपन महसूस होना कुछ ऐसी समस्याएं है जो महिलाओं को अक्सर होती रहती है। अक्सर ब्रेस्ट दर्द करने का कोई बड़ा कारण या रोग नहीं होता और ज्यादातर ये इलाज के बिना अपने आप ही ठीक हो जाता है। स्तन दर्द करना और इनमें सूजन आना प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण में एक है। पर अगर किसी महिला को लम्बे समय तक एक या फिर दोनों स्तनों में दर्द हो रहा है तो ये ब्रैस्ट कैंसर के संकेत भी हो सकते है। ऐसी स्थिति में ब्रेस्ट में हो रहे दर्द में लापरवाही ना करके तुरंत इलाज शुरू करना चाहिए। आज हम इस लेख में जानेंगे gharelu nuskhe for breast pain in hindi.

स्तनों में दर्द होने के कारण और उपाय, gharelu nuskhe for breast pain in hindi

 

स्तनों में दर्द होने के कारण और उपाय

Breast pain ke karan in hindi

कुछ महिलाओं को एक स्तन में दर्द होता है तो कुछ को दोनों स्तनों में दर्द की समस्या होती है। कुछ महिलाओं को स्तनों के बगल वाली जगह पर दर्द होता है। ब्रैस्ट दर्द करना ज्यादातर हार्मोन्स में होने वाले बदलाव की वजह से होता है जो ज्यादातर प्रेगनेंसी, पीरियड्स और स्तनपान के दौरान देखने को मिलता है।

 

1. स्तनों में इन्फेक्शन होना

  1. बैक्टीरिया, बढ़े हुए बाल और स्तनों से दूध आने में रुकावट की वजह से स्तनों में इन्फेक्शन हो जाता है जो सूजन और दर्द जैसे बदलाव में नजर आता है।
  2. स्तन से खून और पस निकलना व बुखार आना इन्फेक्शन बढ़ने के संकेत हो सकते है।
  3. ऐसी स्थिति में बिना देरी किये तुरंत चिकित्सक से मिलकर जरुरी जांच और इलाज करवाना चाहिए।

 

2. प्रेगनेंसी

प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में स्तनों में दर्द करना सामान्य है जो की हार्मोन में होने वाले बदलाव की वजह से होता है।

  • गर्भवती महिला के स्तन गर्भ में पल रहे भ्रूण से भी अधिक तेजी से बढ़ते है और साथ ही दूध नलिकाओं में भी बदलाव आता है जैसे इनका आकार बढ़ना और इस कारण स्तन में दर्द होने लगता है।

 

3. स्तनपान

1. जो माँ बच्चे को नियमित स्तनपान कराती है उनके स्तनों में दर्द करना आम है।

2. गर्भवस्था के दौरान स्तनों का आकार बढ़ता है और दर्द भी होता है ऐसे में जब माँ नवजात शिशु को स्तनपान कराती है तब दर्द और बढ़ने लगता है।

 

4. ब्रैस्ट कैंसर

लम्बे समय तक ब्रैस्ट में दर्द होने ब्रैस्ट कैंसर के संकेत भी हो सकते है। इसके इलावा ब्रैस्ट में गांठ और सूजन भी कुछ ऐसे लक्षण है जो कैंसर के संकेत देते है।

  • अगर तमाम इलाज और उपाय करने के बाद भी दर्द दूर नहीं हो रहा तो  की जरूर कराये।

 

5. गर्भ निरोधक दवाओं का अधिक प्रयोग

गर्भ निरोधक दवाओं का सेवन अधिक करने से शरीर में हार्मोन्स में बदलाव आने लगता है जिससे ब्रैस्ट में दर्द की शिकायत जैसी समस्याएं आने लगती है।

  • इन दवाओं के उपयोग से महिला के शरीर में एस्ट्रोजेन का स्तर बढ़ता है जो इस समस्या का एक कारण है।

 

स्तनों में दर्द का घरेलू इलाज कैसे करे: Gharelu nuskhe for breast pain in hindi

  • स्तनों की मालिश करने से दर्द में आराम मिलता है इसके लिए हलके हाथों से स्तनों की मालिश करे।
  • गलत साइज की ब्रा पहनने से भी स्तनों में दर्द होने लगता है। अगर आप को नियमित दर्द रहता है तो एक बार अपनी ब्रा साइज के बारे में जाने और ये सुनिश्चित करे की आप अपने स्तनों के आकार के अनुसार ही ब्रा का चयन कर रही है।
  • ब्रा ना पहनना भी स्तनों में दर्द का एक कारण है क्योंकि ब्रा नहीं पहनने से स्तनों को सपोर्ट नहीं मिल पाता।
  • बर्फ से सिकाई करने से भी दर्द में आराम मिलता है। सिकाई करने से पहले बर्फ को किसी कपडे में लपेट ले।
  • माँ के दूध में एंटीसेप्टिक गन होते है। बच्चे को स्तनपान के बाद थोड़ा सा दूध अपने स्तनों पर लगाए।
  • ब्रैस्ट में दर्द की समस्या के दौरान महिला को धूम्रपान और शराब जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए।

 

दोस्तों स्तनों में दर्द होने के कारण और उपाय, Breast pain ke karan upay in hindi का ये लेख कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास ब्रैस्ट के दर्द का इलाज के घरेलू नुस्खे है तो हमारे साथ साँझा करे।

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