बार बार पेशाब आने का इलाज के 10 आसान उपाय और नुस्खे

बार बार पेशाब का इलाज इन हिंदी: हम जो कुछ खाते पिते है हमारा शरीर उसमें से पोषक तत्व अलग करके के विषैले पदार्थों को मूत्र और मल द्वारा शरीर से बहार निकाल देता है। इसलिए ये जरुरी हो जाता है की पेशाब की वेदना महसूस होते ही उसी वक़्त करना चाहिए। आपको अगर नॉर्मल से जादा यूरिन आये तो ये किसी रोग के लक्षण भी हो सकते है। रात को पेशाब बार बार आये तो नींद खराब हो जाती है। पेशाब अधिक आना सिर्फ शारीरिक नहीं मानसिक कारणों से भी हो सकता है जैसे की जादा तनाव लेना या फिर किसी चीज़ से भय होना। इस लेख में हम जानेंगे बार बार पेशाब क्यों आता है और कैसे घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाकर इस समस्या का उपचार करे, bar bar peshab ka treatment in hindi.

बार बार पेशाब का इलाज उपाय और घरेलू नुस्खे

 

बार बार पेशाब आने के कारण

  • ब्लैडर में इंफेक्शन होने से।
  • सर्दियो में यूरिन जादा बनता है।
  • ये समस्या प्रेग्नेन्सी के दौरान भी होती है।
  • शुगर के मरीज को पेशाब जादा आता है।
  • प्रॉस्टेट ग्रंथि बढ़ने पर भी यूरिन अधिक आता है।
  • जादा कॉफ़ी, चाय, या शराब के सेवन से भी पेशाब अधिक आता है।
  • पेट में कीड़े की समस्या हो तो पेशाब जादा आता है, छोटे बच्चों के साथ ये परेशानी होती है।
  • मूत्राशय अधिक सक्रिय होने या फिर मूत्राशय में पेशाब जमा करने की क्षमता कम हो जाये तब पेशाब बार बार आता है।
  • कई बार किसी रोग के उपचार में ली हुई दवाओं के कारण भी पेशाब जादा आता है, ऐसे में अपने चिकित्सक की राय जरूर ले।

 

बार बार पेशाब का इलाज के घरेलू उपाय और नुस्खे

 

1. सुबह शाम तिल के लडू खाने से बार बार पेशाब लगने की बीमारी में आराम मिलता है।

2. खाने में दही शामिल करे। दही में बैक्टीरिया होता है जो मूत्राशय में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है।

3. रात को बार बार पेशाब आना की परेशानी हो तो सेब खाने से भी फायदा मिलता है। इसके अतिरिक्त दिन में दो बार गाजर जूस का सेवन भी कर सकते है।

4. इस समस्या से छुटकारा पाने में मसूर की दाल भी फायदा करती है। मेथी का साग एक कटोरी हर रोज खाए, इस देसी नुस्खे से भी पेशाब जादा आने की समस्या कम होती है।

5. वृद्धावस्था में पेशाब का बार बार होना जैसी समस्या होती है, इसके उपचार के लिए छुहारे खाने से फायदा मिलता है। रात को सोने से कुछ देर पहले छुहारे खा कर दूध पिए।

6. पालक की सब्जी शाम को बना कर खाने से भी थोड़ी थोड़ी देर में पेशाब आने की समस्या कम होती है।

7. हर रोज सुबह नाश्ता करने के बाद दो पके केले खाए।

8. अंगूर खाने से जादा पेशाब की हज़त कम होती है।

9. पेशाब बार बार आना इलाज के लिए थोड़ी सी हल्दी ले और इसकी फांक मार कर पानी पिए।

10. तीन पिस्ता, पांच काली मिर्च और तीन मुनका पीस ले और दिन में दो बार इसका से सेवन करे। इस घरेलू दवा से भी फायदा मिलता है।

 

आपको अगर बार बार पेशाब आता है तो कॉफ़ी और चाय के सेवन से बचे, इसके इलावा कोल्ड ड्रिंक्स, शराब पीने से भी परहेज करे और ऐसी चीजों का सेवन अधिक करे जिनमें विटामिन सी अधिक हो।

 

पेशाब बार बार लगने का आयुर्वेदिक उपचार

1. थोड़ा सा नमक एक चम्मच अजवाइन में मिलाये और पानी के साथ सेवन करे। दिन में दो बार इस उपाय को करने पर कुछ दिनों में ही पेशाब की समस्या से निजात मिलती है।

2. पेट में कीड़े पड़ने के कारण बच्चों को बार बार पेशाब आता है। अगर बच्चा बिस्तर पर पेशाब करता है या फिर नॉर्मल से अधिक पेशाब करता है तो इसके इलाज के लिए थोड़ा जायफल घिस ले और एक चौथाई चम्मच की मात्रा में बच्चे को चटा दे फिर ऊपर से दूध पिलाये। दो से तीन दिन इस उपाय को करने पर पेशाब का बार बार आना ठीक हो जाएगा।

3. बार बार पेशाब आने की दवा के लिए  एक चम्मच शहद दो से ठीक पत्ते तुलसी के साथ खाली पेट हर रोज लेने से इस समस्या में आराम मिलता है।

4. अनार के छिल्के पीसकर इसका पांच ग्राम चूर्ण पानी के साथ दो बार दिन में लेने से यूरिन बार बार आना बंद होता है।

5. एक गिलास पानी के साथ आधा आधा चम्मच बेकिंग सोडा लेने से यूरिन का पी अच् बैलेंस कंट्रोल में रखेगा।

6. भुने हुए चने गुड के साथ खाने से भी आराम मिलता है। दस से बारह दिन इस उपाय को निरंतर करने पर जादा पेशाब आने की परेशानी दूर होती है।

7. गुड के साथ आंवले का चूर्ण खाने से पेशाब खुल कर आता है। तीन से चार दिन तक दो से तीन आंवलों के रस का सेवन करने से भी फायदा मिलता है।

 

पेशाब के रंग से कैसे पहचाने बीमारी

पेशाब का रंग देख कर शरीर को होने वाली बीमारी का पता लगा सकते है।

  • पेशाब का रंग अगर हल्का सा पीलापन है तो ये नॉर्मल है, पर रंग अगर गहरा पीला है तो ये शरीर में पानी की कमी के संकेत है। इसके इलाज के लिए पानी जादा पिए।
  • अगर रंग लाल है तो पेशाब में खून आना के संकेत है, ऐसे में डॉक्टर से मिले और जाँच करवाए। टेस्ट से ये पता ललगेगा की ये खून किस वजह से आया।
  • पेशाब का रंग काला या फिर गहरा लाल कई रोगों में हो सकता है जैसे हेपेटाइटिस, लिवर में इंफेक्शन, सिरोसिस या फिर कोई और रोग।

 

दोस्तों बार बार पेशाब का इलाज के उपाय, bar bar peshab aane ka treatment in hindi का ये लेख आपको कैसा लगा हमें बताये और अगर आप के पास पेशाब के रोग के देसी घरेलू नुस्खे है तो हमारे साथ शेयर करे।

You may also like...

14 Responses

  1. Mansinh Jadeja says:

    Pesab ke bareme achi jankari dene ke liye dhanyavad

  2. GOPAL says:

    Bar bar peshab aane ki samasya ka upchar ki jankari de ke liye sukriya

  3. bkyadav says:

    मेरी उम्र 32 वर्ष है मुझे बार बार पेशाब आता है जिससे मैं परेशांन हु कृपया उपाय बताये

    • Admin says:

      बार बार पेशाब आने का घरेलू इलाज और उपाय ऊपर लेख में बताये गए है आप इन्हें पढ़े।

  4. parveen kumar kela says:

    meri age 34 saal ki h mujhe peshab bar-bar aata hai. kai bar to kapdo me nikal jata h. is bemari se bachne ke liye kya upay karu.

    • Admin says:

      पेशाब बार बार आने से रोकने का इलाज घरेलू तरीके से करने के उपाय ऊपर लेख में बताये गए है आप इन्हें पढ़े।

  5. dileep kumar says:

    Bar bar pesab aana

  6. राहुल says:

    धातु गिरने का उपाय बताएं

  7. M.Islam Ansari says:

    Hello sir Actually Muje pesaab to Jada Nahi lagta par jab bi pesaab lagta hai or me I karney jata hu to pesaab karne ke turi deer baad ek ya do bund apne ap gir gati hai Mai bahut pareshaan hu plz kuch help kijiye…..

  8. Mukesh says:

    Sir mujhe pesab bhut tej lagti he likin jab krne jate he to do ya tin bud niklti he

  9. arun says:

    Sir mujhe ye batye ki mera shrab peene ke bad sota hun na jab apne app pesaab nikal jata h
    Kuch upay btaye plz..

  10. phool says:

    Very good solution

  11. संतोष वर्मा says:

    मेरे बच्चे की उम्र 7 वर्ष है वो सोते समय बिस्तर पर पेसाब कर देता है क्या करू इलाज बताये

    • Admin says:

      बिस्तर पर पेशाब करने से रोकने के उपाय के लिए हम जल्दी एक लेख साँझा करेंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!